भारत में केन्द्र सरकार में मंत्रालयों के गठन तथा उनके बीच कार्य के बटवारे के संबन्ध में नियम बनाने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 77(3) में राष्ट्रपति को दिया गया है।
राष्ट्रपति ने अपने इस अधिकार का प्रयोग करते हुये 1961 में कार्य वितरण नियम (Allocation of Business Rules, 1961) बनाये थे। इन नियमों में केन्द्र सरकार के वर्तमान मंत्रालयों उनके अन्दर विभागो तथा उनके बीच कार्य के वितरण का उल्लेख होता है। जब भी किसी नये मंत्रालय का गठन किया जाता है अथा किसी मंत्रालय या विभाग को समाप्त किया जाता है अथवा उनके बीच कार्य के बंटवारे में बदलाव किया जाता है तो राष्ट्रपति द्वारा इन नियमों में बदलाव करके ऐसा किया जा सकता है।
वर्ष 2014 के बाद भारत में केन्द्र सरकार में निम्न 6 मंत्रालयों का गठन किया गया है-
- 2014- आयुष मंत्रालय
- 2014- कौशल विकास तथा उद्यमिता मंत्रालय
- 2017- आवास तथा शहरी मामले मंत्रालय
- 2019- जलशक्ति मंत्रालय
- 2019- मत्स्य पालन, पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन मंत्रालय
- 2021- सहकारिता मंत्रालय
उक्त मंत्रालयों का गठन या तो पहले से चले आरहे मंत्रालयों में विभाजन कर अथवा उन्हे मिलाकर किया गया है।
उक्त मंत्रालयों को मिलाकर भारत सरकार में वर्तमान में कुल 53 मंत्रालय है। इसके अलावा निम्न दो स्वतंत्र विभाग भी है, जोकिसी मंत्रालय के अधीन नही हैं-
- अन्तरिक्ष विभाग
- परमाणु इनर्जी विभाग द इना दोनो विभागों का कैबिनेट मंत्री पदेन रूप से प्रधान मंत्री होते है।
यह भी उल्लेखनीय है कि कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री सदैव पदेन रूप से प्रधानमंत्री ही होते हैं। इस मंत्रालय का गठन 1985 में इस विभाग को गृहमंत्रालय से अलग करके किया गया था।
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