ए0 आई0 इम्पैक्ट सम्मेलन, ए0 आई0 ग्लोबल सम्मेलनों के क्रम में चौथा सम्मेलन है। यह सम्मेलन भारत ने 19-20 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया था। इस सम्मेलन के केन्द्र में तीन बिन्दु है: लोग, पृथ्वी और प्रगति (People, Planet and Progress), जो इसके तीन बड़े लक्ष्य तय करते हैं:
1. लोग- ए0 आई0 का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की सेवा होनी चाहिए, जिसमें सभी तरह की विविधता का सम्मान हो, गरिमा बनी रहे और सबको साथ लेकर चलने की भावना हो।
2. धरती- ए0 आई0 का विकास पर्यावरण की देखभाल और टिकाऊपन को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
3. प्रगति– ए0 आई0 के लाभ सभी में बराबर मिलने चाहिए, जिससे दुनिया भर में विकास और खुशहाली आए।
दिल्ली घोषणापत्र:
सम्मेलन के अन्त में जारी दिल्ली घोषणापत्र पर अमेरिका और चीन समेत 92 देशों ने हस्ताक्षर किए। इस घोषणापत्र के मुख्य बिन्दु निम्नलिखित हैं:
1. यह सम्मेलन भारत के ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय‘ (सबका हित, सबका सुख) प्राचीन भारतीय सिद्धांत से प्रेरित था। यह सिद्धांत बताता है कि ए0 आई0 का उपयोग तभी सार्थक है जब इसके लाभ पूरी मानवता तक पहुँचें।
2. सम्मेलन में ए0 आई0 के चिन्हित किये गये सात प्रमुख क्षेत्रों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बात कही गई है, जिन्हें ‘सप्त चक्र‘ (सात चक्र) कहा जाता है:
1. सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए ए0 आई0;
2. मानव संसाधनों का विकास;
3. सामाजिक सशक्तिकरण के लिए सबको साथ लेना;
4. सुरक्षित और भरोसेमंद ए0 आई0;
5. ए0 आई0 विज्ञान का विकास;
6. नवोन्मेष तथा दक्षता; और
7. ए0 आई0 संसाधनों का लोकतंत्रीकरण (सभी तक पहुँच)।
3. घोषणापत्र में ए0 आई0 संसाधनों के लोकतंत्रीकरण का संकल्प लिया गया ताकि सभी की ए0 आई0 संसाधनों तक पहुँच बढ़ सके। ऐसा करना सभी देशों के लिए अपने नागरिकों के लाभ के लिए ए0 आई0 को विकसित करने, अपनाने और लागू करने में आवश्यक होगा। सम्मेलन के दौरान, ए0 आई0 के लोकतांत्रिक प्रसार के लिए एक चार्टर भी अपनाया गया।
दिल्ली घोषणापत्र की अन्य बातें ये हैं: ‘ग्लोबल ए0 आई0 इम्पैक्ट कॉमन्स’ नाम की एक अलग पहल को अपनाना; सुरक्षित, भरोसेमंद और मज़बूत ए0 आई0; नवोन्मेष का विकास; सामाजिक सशक्तिकरण, और मानव संसाधन विकास के लिए ए0 आई0 का उपयोग।
अमेरिका समेत सभी देशों ने दिल्ली घोषणापत्र पर हस्ताक्षर क्यों किए?
चूंकि घोषणापत्र की सभी बातें स्वैच्छिक और गैर-बाध्यकारी ढांचे पर आधारित थीं, इसलिए अमेरिका समेत सभी भाग लेने वाले देशों ने इस घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। दिल्ली घोषणापत्र हस्ताक्षर करने वालों पर कोई बाध्यकारी प्रतिबद्धता नहीं थोपता है। दिल्ली घोषणापत्र के प्रावधान स्वैच्छिक हैं।
इसके विपरीत अमेरिका ने ए0 आई0 एक्शन सम्मेलन (2025) के घोषणापत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए थे,क्योंकि इसके प्रस्ताव बाध्यकारी थे। अमेरिका दूसरे देशों के लिए ए0 आई0 के लोकतंत्रीकरण के तहत अनिवार्य दायित्वों की कोई ज़िम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था। ए0 आई0 एक्शन सम्मेलन का आयोजन भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से फरवरी 2025 में पेरिस में किया था।
वास्तव में, अमेरिका ए0 आई0 के विकास और उपयोग के लिए बाजार-आधारित दृष्टिकोण अपनाता है, जो ए0 आई0 के विकास और उपयोग पर किसी भी तरह के प्रतिबन्ध लगाने के विरूद्ध है। इसलिए, अगर किसी घोषणापत्र में ए0 आई0 के विकास और उपयोग से जुड़ी कोई बाध्यकारी प्रतिबद्धता या नियमन शामिल होता है, तो अमेरिका ऐसे दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर नहीं करता है। दूसरी ओर, भारत और फ्रांस, जर्मनी और यू0के0 जैसे कई अन्य देश ए0 आई0 के विकास और उपयोग पर वैश्विक नियमन चाहते हैं ताकि इसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और इसके दुरुपयोग को रोका जा सके।
ए0 आई0 इम्पैक्ट सम्मेलन: एक पृष्ठभूमि:
नई दिल्ली में आयोजित ए0 आई0 इम्पैक्ट सम्मेलन इस तरह के वैश्विक सम्मेलनों की श्रृंखला में चौथा सम्मेलन है।
पहला ए0 आई0 शिखर सम्मेलन नवंबर 2023 में ब्रिटेन के लंदन में ब्लेचले में आयोजित किया गया था। इस शिखर सम्मेलन के अंत में हस्ताक्षरित ब्लेचले घोषणापत्र में यह आग्रह किया गया कि ए0 आई0 को सुरक्षित रूप से डिज़ाइन, विकसित, और उपयोग किया जाना चाहिए। यह शिखर सम्मेलन ए0 आई0 के उपयोग में सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर केंद्रित था। इस घोषणापत्र पर भारत सहित 28 देशों ने हस्ताक्षर किए थे।
दूसरा ए0 आई0 शिखर सम्मेलन मई 2024 में दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित किया गया था। सियोल ए0 आई0 शिखर सम्मेलन में ए0 आई0 सुरक्षा संस्थानों के नेटवर्क को लागू करने, और ए0 आई0 के उपयोग में जोखिम प्रबंधन पर प्रमुख ए0 आई0 कंपनियों से स्वैच्छिक प्रतिबद्धताएँ लेने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया था।
तीसरा ए0 आई0 शिखर सम्मेलन, जिसे ए0 आई0 एक्शन सम्मेलन के नाम से जाना जाता है, 10-11 फरवरी 2025 को पेरिस में आयोजित किया गया था। भारत के प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ इस शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अधिक टिकाऊ और नैतिक विकास के लिए वैज्ञानिक आधार, समाधान और मानक स्थापित करना था। इसमें सामूहिक प्रगति और जनहित की दिशा में काम करने का संकल्प लिया गया। हालाँकि, अमेरिका ने ए0 आई0 एक्शन सम्मेलन के अंतिम घोषणापत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि वह ए0 आई0 के उपयोग और विकास पर कोई प्रतिबंध नहीं चाहता है।

चित्र साभार- दैनिक भास्कर
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