वर्तमान में राज्यों लोकायुक्त की नियुक्ति करना आनिवार्य है-
भारत की संसद द्वारा 2013 में पारित लोकपाल व लोकायुक्त अधिनियम की धारा 63 में लोकायुक्त की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इस धारा में कहा गया है कि इस अधिनियम के लागू होने की तिथि से एक वर्ष के अन्दर प्रत्येक राज्य में लोकायुक्त की स्थापना की जायेगी। अतः इस अधिनियम के पारित होन के बाद सभी राज्यों में लोकयुक्त की स्थापना अनिवार्य है। वर्ष 2013 के पहले यह अनिवार्श् नही था। फिर भी कतिपय राज्यों ने 2013 के पहले राज्य विधानमंडल के कानून के द्वारा लोकायुक्त की स्थापना कर ली थी। जिन राज्यों में लोकायुक्त पद नही था, उन्हें अब लोकायुक्त की स्थापना करना बाध्यकारी है। लेकिन संसद के कानून में लोकायुक्त की नियुक्ति तथा क्षेत्राधिकार आदि का उल्लेख नही है। इनकी व्यवस्था राज्य विधानमंडल द्वारा पारित कानून द्वारा की गयी है। इसीलिये प्रत्येक राज्य में लोकायुक्त के अधिकार एक समान नही हो तथा उनमें भिन्नता पाई जाती है।
भारत में राज्यों के लोकायुक्त
भारत में लोकपाल की भांति लोकायुक्त का विचार भी सबसे पहले प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (1966-69) द्वारा दिया गया था। भारत में सबसे पहले लोकायुत की नियुक्ति महाराष्ट्र में 1971 में पारित अधिनियम के अन्तर्गत 1972 में की गई थी। यद्यपि ओडिसा राज्य द्वारा 1970 में लोकायुक्त अधिनियम पारित कर लिया गया था लेकिन वहां लोकपाल की नियुक्ति महराष्ट्र के बाद की गई। इसके बाद कालक्रमानुसार लोकायुक्त की नियुक्ति का विवरण निम्नवत है-
1. बिहार -1973
2. उत्तर प्रदेश-1975
3. मध्य प्रदेश- 1981
4. आन्ध्र प्रदेश तथा हिमाचल प्रदेश दोनो- 1983
5. कर्नाटक- 1985
6. असम तथा गुजरात दोनो- 1986
क्या लोकायुक्त मुख्यमंत्री के विरूद्ध भ्रष्टाचार की जांच कर सकता है?
जैसा कि पहले बताया गया है कि राज्यों में लोकायुक्त की स्थापना राज्य के विधानमंडल के कानून द्वारा की जाती है, अतः प्रतयेक राज्य में लोकयुक्त की शक्तियों में अन्तर होता है।
केवल निम्नंकित राज्यों में ही लोकायुक्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री के विरूद्ध जांच का अधिकार प्राप्त है-
- हिमाचल प्रदेश
- आन्ध्र प्रदेश
- मध्य प्रदेश
- कर्नाटक
- गुजरात
- महाराष्ट्र- कतिपय संरक्षण के साथ
निम्न राज्यों में लोकयुक्त को राज्य के मुख्यमंत्री के विरूद्ध जांच का अधिकार नही है-
- उडीसा
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- राजस्थान
यदि मुख्यमंत्री को छोड् दिया जाये तो सामान्यतया सभी राज्यों में लोकायुक्त को मंत्रियों, विधानमंडल सदस्यों, तथा अधिकारियों के विरूद्ध जांच का अधिकार प्राप्त है।
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